झारखंड के विलुप्त प्राय बिरहोर भाषा के संरक्षण दूरदर्शन का प्रयास सहरनीय
झारखंड कहते हैं, अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। कुछ ऐसा ही कर दिखा चुके हैं राँची के युवा लेखक देव कुमार। देव कुमार ने झारखण्ड के लुप्तप्राय आदिम जनजाति बिरहोर द्वारा प्रयोग किये जाने वाले शब्दों और ध्वनियों को संकलित करते हुए बिरहोर-हिंदी-अंग्रेजी शब्दकोश की रचना कर देश…
